कोई नेता या बिजनेसमैन दिखा क्या लाइन में*

*मुझे हँसी आती है उन लोगो के दिमाग पर जो लगातार ये पोस्ट किये जा रहे है की कोई नेता या बिजनेसमैन दिखा क्या लाइन में* ??
_क्या कालाधन सिर्फ आम आदमी के पास था जो लाइन में लगा हुआ है_
*उनको सजा क्यों , अरे बुद्धिमानों हम लाइन में इसलिये लगे है क्योकि हमारे पास इतना ही है की हम उसे बैंक में डाल दे*
*और कामचलानेके लिए थोडा बैंक से या एटीएम से ले ले हर रोज के खर्च के लिए* .
*बिजनेसमैन और नेता लाइन में इसलिए नही लग रहे की एक दो लाख से उन्हें फर्क* *पड़ेगा नही और जो गलत* *तरीके से कमाया है उसको जमा कर नही सकता ,फिर* भी उसे 4500 रुपये की जरूरत हुई तो आपके, हमारे जैसे बहुत नोकर है उनके पास जो पैसे निकाल लेंगे ,
और बाकि क्रेडिट कार्ड है *उनके पास बड़े खर्च के लिए वे हमारी तरह ढाबो पे खाना नही खाते जो खुले 180 रुपये देने पड़ेंगे एक थाली के* .
*उन्ही के इलाज के लिए कदम उठाया गया है आपको लाइन में लग के प्रॉब्लम है* _उनको घर पर पड़े पड़े भी नींद नही आ रही जिंदगी भर की कमाई कुछ दिन में रद्दी बन जायेगी ये सोच के इसलिये अपने बेतुके सवाल मत किया करो_
*दिमाग को थोडा आराम दो भाई*
*_गुलाम कौम का गुलामी वाला चरित्र सामने आने लगा है_*।

*गुलाम की सबसे बड़ी निशानी होती है कि वो Status Quo मने यथा स्थिति बहाल रखने में विश्वास करता है* ।
*अपने Comfort Zone से बिलकुल बाहर नहीं आता* ।
*दिमाग से कुंद होता है* । _survival skills zero होती हैं_ ।

सारी जिंदगी नाली में पड़ा कराहता रहेगा ।
खुद नाली से बाहर आ नहीं सकता । *पर जैसे ही कोई नाली से निकालने के लिए कोशिश करेगा तो बिलकुल भी सहयोग नहीं करेगा* । एक समय आ जाता है जब गुलाम अपनी गुलामी को भी enjoy करने लगता है ।
*Demonetization से गुलामों को दिक्कत होने लगी है* । *सिर्फ 3 दिन में सारा आदर्शवाद और सारा राष्ट्रवाद दस्त से निकल के बहने लगा है* ।
_उड़ी हमला हुआ था तो सब एक सुर में युद्ध युद्ध चिल्ला रहे थे_ ।
*अब शान्ति काल में ही सिर्फ 3 दिन की दिक्कत बर्दाश्त नहीं हो रही* ।
_हाय मर गए ....... हाय मर गए का कोरस गान शुरू हो गया है_ ।
*दो - चार घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ गया तो सारी मर्दानगी हवा हो गयी* । नमक जैसी चीज़ के लिए 500 का नोट ले के दौड़ पड़े । मानों नमक न मिला तो मर जायेंगे .......
*फोकट के 15 लाख सबको चाहिए अपने खाते में* ।
*पर उस 15 लाख के लिए ज़रा सा भी कष्ट बर्दाश्त नहीं*
🙏🙏 ।

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