अमर कालजयी वाक्यों के प्रणेता सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं

"क्या बेटा, बाहर देखने में ज़्यादा आनन्द आ रहा हो तो बाहर ही निकल जाओ, क्लास में बैठे बैठे बोर हो गये होगे।"

"किस बात की हँसी आ रही है हमें भी तो बताओ थोड़ा हम भी हँस लें....."


"कॉपी घर पर भूल आए के अलावा कोई बहाना हो तो बताना होमवर्क न करने का"


"आज आप लोगों का सरप्राइज़ टेस्ट है।"


"हमारे ज़रा सा बाहर जाते ही क्लास को मच्छी बाज़ार बना देते हो, इतवारिया हाट लगा है यहाँ? सब खड़े हो जाओ।"


"मुझे क्लास में पिन ड्रॉप साइलेन्स चाहिये।"


"सारे नमूने मेरी क्लास में आकर भरने थे।"


"माँ बाप का खूब नाम रौशन करोगे बेटा, हरकतें बता रही हैं। क्यों उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई बर्बाद कर रहे हो?"


"ये राइटिंग है तुम्हारी, कि कनखजूरा चलकर गया है कॉपी से, और ये तुम लिखो ख़ुदा बांचे टाइप क्या है? और तुम, माइक्रोस्कोप लाएं लैब से पढ़ने को?"


"खाना खाना भूले थे? होमवर्क कैसे भूल गये?"


"किताब कहाँ है? घर पर दूध दे रही है क्या?"


"आप लोगों को क्या लगता है टीचर मूर्ख है, यूँ ही बकबक करते रहते हैं?"


"ज़ोर से पढ़ो यहाँ तक आवाज़ आनी चाहिये, मस्ती में तो बहुत गला फाड़ते हो, पढ़ने में क्या हो जाता है? मम्मी ने टिफिन नहीं दिया आज?"


"हाँ तुमसे ही पूछ रही हूँ खड़े हो जाओ, इधर उधर क्या देख रहे हो, आंसर दो।"


"कल से तुम दोनों को अलग अलग बैठाएंगे, पिकनिक मनाने आते हो पढ़ने थोड़ी।"


"अगर वह कुंए में कूदेगा तो तुम भी कूद जाओगे?"


"इतने सालों में कभी इतनी ख़राब क्लास और इतने ढीठ बच्चे नहीं देखे।"


जैसे शाश्वत अजर अमर कालजयी वाक्यों के प्रणेता सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं को शुभ शिक्षक दिवस। 😃💐🙏🏻

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