शिक्षक की कद्र

    मशहूर पाकिस्तानी लेखक

मरहूम अशफ़ाक़ अहमद लिखते है -


रोम (इटली) में

मेरा चालान हुआ

बिज़ी होने की वजह से

फीस वक़्त पर जमा नहीं करवा सका

जिसकी वजह से कोर्ट जाना पड़ा ।

जज के सामने पेश हुआ तो

उस ने वजह पूछी 

मैंनें कहा

प्रोफ़ेसर हूँ

मसरूफ ऐसा रहा के

वक़्त ही नहीं मिला ।


इस से पहले कि

मैं बात पूरी करता,

जज ने कहा -


*A TEACHER IS IN THE COURT ....!*


और सब लोग खड़े हो गए और

मुझ से माफ़ी मांग कर चालान कैंसिल कर दिया ।

उस रोज़ मैं

उस मुल्क की

*कामयाबी का राज़ जान गया !*


*सभी शिक्षकवृन्द को* *ससम्मान समर्पित*🙏


 ✅

अति विशिष्ट व्यक्ति /  VIPकौन है ?

क्या आप को

जानकारी है कि............

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💥1)

अमेरिका में

सिर्फ दो तरह के

लोगों को वी आई पी मानते हैं :

वैज्ञानिक और शिक्षक ।

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💥2)

फ्रांस के

न्यायालय में

सिर्फ शिक्षकों को ही

कुर्सी पर बैठने का अधिकार है।

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💥3)

 जापान में

पुलिस सरकार से

अनुमति लेने के बाद ही

किसी शिक्षक को गिरफ्तार कर सकती है।

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💥4)

 कोरिया में

हर शिक्षक को

वे सारे अधिकार प्राप्त हैं,

जो भारत के मंत्री को प्राप्त हैं,

सिर्फ अपना आई कार्ड दिखा कर ।

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💥5)

अमेरिकन तथा यूरोपीय देशों में प्राथमिक अध्यापक को सर्वाधिक वेतन मिलता है,

क्योंकि

कच्ची मिट्टी को

वे ही पक्का करते हैं ।......i

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🚷

एक ऐसा समाज,

जहाँ शिक्षकों का अपमान होता रहेगा,

वहाँ सिर्फ चोर, डाकू, लुटेरे और भ्रष्टाचारी लोग ही पनपते है।

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🇮🇳

शिक्षक बचाओ,

देश बचेगा


कृपया

इस post को

ज्यादा से ज्यादा share करे,

जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगो तक

ये अच्छी post पहुँच सके ll


     *

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